Yogasan pranayam benefits in hindi | हिंदी में योगासन और प्राणायाम कैसे करें और करने से होने वाले लाभ या फायदे

 योगासन योग की पहली सीढ़ी है जिनका उद्देश्य व्यक्ति को स्वास्थ्य सुडोल और सहनशील बनाना है प्रत्येक व्यक्ति योग विद्या का जानकार होकर मन और आत्मा का विकास करता हुआ साधारण से असाधारण बन सकता है आज के इस व्यस्त तकनीकी युग में योग की ओर प्राय सभी श्रेणियों स्थितियों और आयु के लोग केवल इसीलिए आकृष्ट हो रहे हैं ताकि वह चुस्त-दरुस्त रह सके क्या आपने लाइलाज रोगों से छुटकारा पा सके क्योंकि योगासनों का प्रभाव सबसे पहले शरीर और फिर मन पर पड़ता हैं

यह गूढ़ रहस्य बहुत सूक्ष्म है और इसे जाना अत्यंत कठिन भी है पर यह ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति के भीतर है जिस प्रकार आंख में गया हुआ छोटा तिनका समीप होने पर भी दिखाई नहीं देता उसी प्रकार हमें जो कुछ जानना है उसका स्त्रोत भी हमारे ही भीतर है और उसे उसी प्रकार जाना जा सकता है जैसे आंख में गए छोटे से तिनके को निर्मल सॉक्स दर्पण की सहायता से देखा जा सकता है हम क्या हैं हमें क्या करना है क्या जानना है यह सब भी हम अपने निर्मल मन रूपी दर्पण से ही देख सकते हैं


योगासन

आसन करते समय शरीर के साथ किसी प्रकार जोर-जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए योगाभ्यास में आसन और ध्यान की क्रिया साथ साथ चलती है आसनों का अभ्यास इसके प्रारंभिक चरण में ही करना होता है बाद में साधक साधिका इतने अभ्यस्त हो जाते हैं कि उन्हें इन के निरंतर अभ्यास की आवश्यकता नहीं रहती तथा धीरे-धीरे ही पूर्ण लाभ मिलने लगता है 

योगासन में आसनों की संख्या बहुत अधिक है हम यहां आवश्यक सभी आसनों का विवरण  

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