Padmasana in Hindi | पद्मासन योग कैसे करें पद्मासन योग करने की विधि पद्मासन योग के फायदे या लाभ होगा

योगासनों में यह प्रमुख आसन है इसमें कोई विशेष कष्ट नहीं होता और देखने में भी यह बहुत आसान लगता है परंतु सामान्य व्यक्ति के लिए यह भली प्रकार पद्मासन लगाकर पांच 10 मिनट तक बैठना कठिन है पदम का अर्थ है कमल अनेक योगी को का कथन है कि इस आसन को पूरा होने पर शरीर की मुद्रा एक कमल जैसी होती है इसीलिए इसे पद्मासन कहते हैं यह भी अर्थ ठीक है लेकिन वास्तु इसे पद्मासन इसीलिए कहते हैं कि इस में बैठकर मनुष्य अपनी चेतना रूपी कमल को विकसित करता है


पद्मासन योग साधक का एक विशिष्ट आसन है ऋषि मुनि इसी आसन में बैठकर ध्यान लगाते हैं और प्राणायाम करते हैं रिद्धि सिद्धि प्राप्त करने के लिए भी इसी आसन में बैठकर मंत्रों का जाप किया जाता है और मनोरथ पूर्ण होने के लिए भी इसी आसन पर बैठकर ध्यान किया जाता है इसमें शरीर की उन सभी पेशियों का व्यायाम होता है जो प्रयोग में ना आने के कारण दढ हो गई होती है इसके साथ ही यह मस्तिक में शुद्ध रक्त प्रवाहित करने की क्रिया तेज कर देता है यही कारण है कि ध्यान लगाने के लिए इस आसन को सर्वोत्तम माना जाता है

विधि
        भूमि पर बिछे कंबल या दरी को 4 अंश मुड़कर बिछा ले उस पर दोनों टांगों को सामने की ओर फैलाा कर बैठ जाएं अब दाएं टांग को पिंडली और पैरों से   पकड़कर धीीरे धीरे घुुुटनेेेे पर  से मोड़़े 90°  के कोण के बाद टांग कोोो मोड़ने में कठिनाई होती है इसकेेेेे लिए धीरे-धीरे अभ्यास करें चाहे इसमें कई दिन क्यों ना लग जाए अब दाहिने पैर पर गड्ढे और  पंजे कोो पकड़े और दाहिनी टांग को थोड़ा ऊपर उठाते हुए अंदर कीी ओर कीजिए इसके अभ्यास में भी समय लगता है दाहिने पैर की एड़ी बाई  जाघ की जड़ में लगाकर कर कस लें ये अब बाई टांग कोो घुटने से मोड़कर गट्टे को बाएं हाथ से तथा पंजे कोो दाहिने हाथ से पकड़़़ कर थोड़ा ऊपर उठाइए बाएं पैर एडी को दाहिनी जांग कीी जड़ मैं सटाा दीजि फिर ज्ञान मुद्रा मेंेंें उंगलियों को करकेे घुटनों पर रखिए
कमर पीठ रीड गर्दन सीध रखिए
पद्मासन में ध्यान
           पद्मासन की अवस्था मानसिक एकाग्रता के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है इस में ध्यान लगाना आवश्ययक राजनीतिक परिवारिक किसी किसी भी जटिल समस्या कााा हल ढूंढा जा सकताा है र्शत केवल यह है किि आप आपको आसन में ध्यान को  एकाग्र करने का  पूर्ण अभ्यास हो
त्राटक के अभ्यास में भी इसी आसन का प्रयोग किया जाता है त्राटक साधक के कई सोपान है केवल किसी बिंदु पर ध्यान को एकाग्र करके ही अप्रत्यक्ष मानसिक शक्ति प्राप्त होती है इसके पश्चात आंखें बंद करके अंधेरे में ज्योति बिंदु को खोजने का अभ्यास किया जाता है इसके सात सोपान है इसके बाद इस अध्यान व्यास का प्रयोग कुंडलिनी को जागृत करने में क्या जाता है
लाभ
        यदि आप केवल पद्मासन लगाकर वयाम करते हैं और ध्यान नहीं लगाते तो आपको बात रोग पेट रोग कटया कब्ज आदि रोगों में लाभ होगा शरीर की सुधडता कांति दीर्घ योवन सहज में ही प्राप्त होते हैं
सावधानियां 
           उत्तर की ओर मुंह करके ना बैठे समतल भूमि पर आसन लगाएं मोटे थुलथुले  व्यक्ति को पहले शरीर को सुडौल बनाने और मोटापा दूर करने वाले आसनों का अभ्यास करना चाहिए यह आसन थोड़ा कठिन है किसी काम में जल्दबाजी ना करें प्रत्येक पैर को मोड़ने का अभ्यास धीरे धीरे करें रात में दोनों पैरों को गट्टे पर सरसों के तेल की मालिश करें पहले 5 सेकंड से प्रारंभ करके सामान्य साधक को इस आसन को 15 मिनट तक करना चाहिए

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